Maharashtra Makes Hindi Mandatory as Third Language in Schools
BREAKING
शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार, राहुल-प्रियंका की हिरासत का किया विरोध राहुल गांधी और प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का हमला, कुलदीप राठौर बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही, कांगड़ा के शाहपुर में छह मकान बहे, कई परिवारों ने भागकर बचाई जान कश्मीर में लगातार बारिश से बिगड़े हालात, सुखनाग नदी उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने मुरथल शक्ति केंद्र पर कार्यकर्ताओं के साथ किया सहभोज, सरल पोर्टल, बूथ सशक्तिकरण पर दिया जोर

महाराष्ट्र स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी अनिवार्य बनाता है

Maharashtra Makes Hindi Mandatory as Third Language in Schools

Maharashtra Makes Hindi Mandatory as Third Language in Schools

हिंदी अब महाराष्ट्र में सभी स्कूल के छात्रों के लिए जरूरी है

महाराष्ट्र सरकार ने हिंदी को सभी मराठी और अंग्रेजी-मध्यम स्कूलों में एक अनिवार्य तीसरी भाषा बना दिया है। यह नियम कक्षा 1 से कक्षा 5 तक लागू होगा।

नया नियम क्या है?
स्कूल शिक्षा और खेल विभाग द्वारा एक नया सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किया गया था।

यह कहता है कि स्कूलों को अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के बाद हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाना चाहिए।

नियम उन सभी स्कूलों के लिए है जो महाराष्ट्र राज्य बोर्ड का अनुसरण करते हैं।

भाषा आदेश:
मराठी-मध्यम स्कूलों में:

  • पहली भाषा - मराठी
  • दूसरी भाषा - अंग्रेजी
  • तीसरी भाषा - हिंदी

अंग्रेजी-मध्यम स्कूलों में:

  • पहली भाषा - अंग्रेजी
  • दूसरी भाषा - मराठी
  • तीसरी भाषा - हिंदी

 

अधिक भाषाएँ सीखना चाहते हैं?
यदि कोई भी छात्र इन तीनों से परे एक अतिरिक्त भाषा सीखना चाहता है, तो स्कूल में उस भाषा वर्ग में शामिल होने के लिए कम से कम 20 छात्र तैयार होने चाहिए।

यह कदम एनईपी 2020 सुधारों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में बहुभाषी शिक्षा में सुधार करना है।